जनता हुई नाराज : रोड नही तो वोट नहीं : नरसिंहपुर।
नरसिंहपुर जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों से ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते रोड का निर्माण नहीं कराया जाता है तो आगामी समय में चुनाव का बहिष्कार भी करेंगे।
कई महिलाओं की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। कल्पना कीजिए कि प्रसव पीड़ा हो और ऊबड़-खाबड़ सड़क पर घंटों का सफर तय कराना हो।
हालाकि यह और बात है की इस तरह की गीदड़ भभकी से कोई फर्क पड़ने वाला है भी या नहीं?ग्रामीणों के मुताबिक हम लंबे समय से एक सही सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन सब बहरे हो गए हैं।
ऐसे अनेकों उदाहरण हैं जब गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं ले जाया सका और रास्ते में ही प्रसव कराना पड़ा। सड़क इतनी उबड़-खाबड़ है कि रास्ते में ही गर्भपात और मृत्यु तक हो गई।
ग्रामीण कहते हैं कि,हमने काफी सहा है। अब बहुत हो गया। इस बार हम आने वाले चुनावों में वोट नहीं देंगे अगर हमें सड़क नहीं मिली।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, वर्ष 2022 में छपी एक खबर के मुताबिक हमीरपुर (यूपी)जिले की राठ विधानसभा के जिगनी गांव के मतदाताओं ने विधानसभा चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार किया था, गांव में 3000 के करीब वोटर हैं लेकिन गांव में एक भी वोट नही पड़ा था। इतना ही नहीं बल्कि ग्रामीणों ने गांव के बाहर ही बैनर पोस्टर लगाकर प्रत्याशियों को गांव में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
पिछले चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी ने जीतने के बाद यहां सड़क बनवाने का वादा किया था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद भी सड़क नहीं बन सकी।
क्या मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से भी जनता ऐसा ही कुछ कर दिखाना चाहती है?क्या प्रशासन इन उठ रही आवाजों पर ध्यान न देकर कोई चूक करने जा रहा है?
जिस तरह यूपी के हमीरपुर गांव में एक भी व्यक्ति ने वोट नहीं डाला था क्या नरसिंहपुर जिले के ग्रामीण अंचलों से ग्रामीण ऐसी एकता का प्रदर्शन भी कर पाएंगे?
जिले के विभिन्न अंचलों में किसान संगठन और विभिन्न सरकारी एवम गैर सरकारी संस्थाओं के कर्मचारियों द्वारा धरने प्रदर्शन और चुनाव का बहिष्कार का एलान करने वाली जनता का रवैया यह तो जाहिर करता हैं कि,वर्तमान सत्ता से जिले की जनता असंतुष्ट हैं और परिवर्तन चाहती है?
गांव वालों ने कई दिनों पहले से ही गांव में चुनाव बहिष्कार का पोस्टर व बैनर तक लगा दिया, लेकिन किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने सुध नहीं ली ऐसे में भारतीय जनता पार्टी को आगामी चुनाव में इसका अच्छा खासा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
