*ताजा मामला नरसिंहपुर जिले के ग्वारी का है जहां डीएफओ पर आरोप है की गरीब आदिवासी लोगों को बेहतर जिंदगी का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दिया जा रहा है।*
*ईसाई धर्म अपनाने के लिए बरगला रहा डीएफओ?*
*क्या पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद डीएफओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होना चाहिए?*
*फिलहाल नरसिंहपुर जिले के ग्रामीण अंचल में धर्म परिवर्तन के लिए बरगलाने की खबर के बाद हिंदूवादी संगठनों की प्रतिक्रिया नहीं दिखाई दे रही है।*
*अधिकारी डीएफओ के बचाव की मुद्रा में!क्या एक अहम मुद्दा दबा दिया जाएगा?*
*धर्मांतरण कराने का प्रलोभन देने वाले डीएफओ के तार आखिर कहां तक और किससे जुड़े हुए हैं?*
*प्रशासन आदिवासियों की सुनवाई करता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है!*
*आदिवासियों के हितों और सुरक्षा के मुद्दे पर आर्य समाज, बीजेपी, आरएसएस, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और संघ परिवार की क्या प्रतिक्रिया होगी?*
ग्रामीणों के मुताबिक :
*दूधी बांध का काम अभी चालू नहीं हुआ और आदिवासियों को किया जाने लगा है परेशान।*
जनपद पंचायत चिचली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गवारी जामगांव टूरनी के आदिवासियों के केस बनाए गए हैं अतिक्रमण के, और धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव डाला गया है।
आदिवासियों का कहना है कि, वन विभाग के अधिकारी द्वारा जामगांव रेस्ट हाउस पर बुलाया गया, वहां पर हमें डांट फटकार लगाई गई, इसके बाद फिर बाद में समझाया गया की आप लोग धर्म परिवर्तन कर लो तो आपके सभी कैस बंद कर दिए जाएंगे और साथ वन भूमि के पट्टे भी बना दिए जाएंगे।
आदिवासी और क्षेत्रीय जनता का कहना है कि अभी डैम का काम लगा नहीं और आदिवासियों को इस तरह परेशान किया जाने लगा है, आने वाले दिनों में अगर हमें इसी तरह परेशान किया जाता है तो आंदोलन करने के लिए मजबूर रहेंगे, जिसकी पूरी जवाबदारी शासन प्रशासन की रहेगी।
जारी :
