*यह कैसा लोकतंत्र है?*
।। समीक्षा ।।
आम आदमी के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।सरकारी मशीनरी को धन कमाने के उपक्रम में तब्दील कर दिया गया है!
एक नागरिक के जीवन मूल्य की सुरक्षा के प्रति प्रशासन के रवैए में सकारात्मकता नहीं दिखाई देती है।लोकतंत्र लाठीतंत्र में तब्दील हुआ जाता महसूस होता है।जातिवाद और क्षेत्रवाद का असर और खोफ यहां महसूस किया जा सकता है।
आम आदमी डर के साए तले जिंदगी गुजार रहा है। चुनिंदा लोगों के हाथों में सरकारी मशीनरी की बागडोर है,वे इसे अपने फायदे के लिए मनचाहे तरीके से उपयोग कर रहे हैं।
मंहगाई,गरीबी,बेरोजगारी,अशिक्षा,भुखमरी, स्वास्थ सेवाओं जैसे मुद्दे कागजी किस्से बनकर फाइलों में दफन है।
आज भी एक आम आदमी घर का ख़र्च कैसे चलाना है? बीमारी की सूरत में इलाज के लिए पैसे कहां से आएंगे?बच्चों की फ़ीस कैसे भरनी है? त्यौहार कैसे मनाएंगे? जैसे सवालों में ही उलझा रहता है।
मध्यवर्ग को अपने रोजमर्रा की जीवनशैली के लिए जूझना पड़ रहा है।महंगाई के चलते मध्य वर्ग की कमर टूट रही है, घर का खर्च बढ़ता जा रहा है।सरकार ने भी मध्य आय वर्ग के लिए कोई योजना नहीं बनाई है। इन सबके बावजूद स्थानीय प्रशासन की सुस्ती आम आदमी की परेशानी का मुख्य कारण है।
नरसिंहपुर जिले से ग्राम मोहपानी की जो तस्वीर सामने आई है वह जिले के लिए बेहद अपमानजनक है।
आप ग्राम पंचायत मोहपानी को ही देख लीजिए। यहां हालात पूरी तरह से बेकाबू है। जनपद चिचली अंतर्गत आने वाली इस ग्राम पंचायत पर अराजकता का साम्राज्य है। जब 15/8/23 को स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय पर्व धूूमधाम से मनाया जा रहा था तब भी सरपंच की लापरवाही के चलते पंचायत भवन कार्यालय पर ध्वजारोहण नही किया गया।
सरपंच और सचिव द्वारा बोल दिया जाता है कि शासकीय स्कूल में झंडा वंदन कर दिया गया है। जबकि जिला कलेक्टर के आदेश है कि सभी शासकीय कार्यालय में कार्यालय प्रमुख के द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।
ग्राम पंचायत मोहपानी में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान होता है और अधिकारी मौन साधे हुए हैं। राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किए जाने को लेकर ग्रामीण कहते हैं कि सचिव की सेवा समाप्त कर सरपंच को पद से हटाने की कार्यवाही की जानी चाहिए।पंचायत में सरपंच सचिव के खिलाफ अनियमितता की अनेक शिकायत मिली। शासन की योजनाओं, ग्राम सभा की भी जानकारी पंचायत से नहीं दी जाती है।ग्रामीणों ने सरपंच सचिव पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
क्या ऐसे सरपंच और सचिव को सलाखों के पीछे नहीं होना चाहिए जो ना सिर्फ ग्रामीणों के अधिकार का हनन कर रहे हैं बल्कि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने में भी नही हिचक रहे हैं।
जारी :
जिला कलेक्टर और जिला पंचायत में सरपंच और सचिव की शिकायत के बाद आगे कार्यवाही
