रहमा।
ग्राम रहमा की आज की यह तस्वीर बताती है की,अब ग्रामीण अंचल में भी महिलाएं बेरोजगारी और मंहगाई को लेकर न सिर्फ मुखर विरोध कर रही हैं बल्कि खुलकर सामने भी आ रही हैं।
केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर महिलाओं में गहन असंतोष व्याप्त है।जिसकी वजह से आम जनता अब धरने और आंदोलन के जरिए अपना आक्रोश व्यक्त कर रही है।
मंहगाई और बेरोजगारी को लेकर ग्रामीण अंचल में भी महिलाएं कितनी जागरूक हो रही हैं यह स्थिति तब सामने आई जब ग्राम रहमा धरना स्थल पर मंहगाई और बेरोजगारी के विरोध में गांव की महिला पप्पी बाई मेहरा द्वारा पुतला दहन कर सांकेतिक विरोध किया गया।
महिलाओं कहना था कि मंहगाई में घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है,आम आदमी को बढ़ती महंगाई से काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है।दिन प्रति दिन बढ़ती हुई महंगाई से घर का बजट खराब होते जा रहा है।
सरकार मंहगाई को नियंत्रण में करने के लिए ठोस कदम कब उठाएगी?आज मंहगाई के चलते हालात यह हैं कि आम जनता सरकार को कोसते नजर आ रही हैं।
ग्रामीण महिलाएं व्यंग्य करते हुए कहती हैं की,सरकार गरीबी हटाना चाहती है या गरीब?
वहीं बेरोजगारी को लेकर भी सत्ता पक्ष की लेकर आलोचना की गई।बेरोजगारी के बढ़ने से युवा वर्ग भी दिशाहीन और भटका हुआ महसूस कर रहा है।
विरोध प्रदर्शन में किसान नेता जगदीश पटैल,पप्पी बाई मेहरा, कालूराम, देबेन्द पटैल, मरबान पटैल, लीलाधर, भैरोपसाद, कोशल पटैल, दीपक लोधी, देवेन्द स्थापक, एदराज,कमलेश, सुमेर ठाकुर, दादा सदीप पधान, रूपेश मेहरा, देबेश, लखन, सतोष, आकाश एवम साथीगण शामिल रहे।

