ग्राम लवासर।
ग्राम पंचायत बसुरिया।
आज भी गांव के लोग आधारभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं।ग्रामीणों को सड़क न होने के चलते काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण सड़क न होने की सूचना कई बार अधिकारियों को दे चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद भी अभी तक जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
स्कूल में जाने के लिए दर्जनों छात्र-छात्राओं को इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है।
परेशानी बारिश के दिनों में ओर भी बढ़ जाती है क्योंकि बारिश के बाद पूरा रास्ता कीचड़ व गंदगी में तब्दील हो जाता है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता और झूठे आश्वासन के कारण लवासर और बसुरिया के ग्रामीण खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
साइकिल की तो बात छोड़िए अगर कोई पैदल भी उक्त मार्ग से गया तो बिना चोट खाये नहीं आ पाता है।
एक तरफ ग्रामीण नरकीय यातना से गुजर रहे हैं वहीं दूसरी ओर बेशर्म जिला प्रशासन कुम्भकर्णी नींद सो रहा है।
दबी जुबान में ग्रामीण कहते हैं कि ऐसा नही कि मामले की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों की चौखट पर नही पहुंची हो।लेकिन ग्रामीणों की सड़क से संबंधित समस्या सुलझाने की बजाय करने के बजाय गर्मी में सारे अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं।
नाम ना छापने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने व्यंगातमक लहजे में कहा कि अधिकारी गांव की खाक छानने के बजाय गर्मी के मौसम में एयरकंडीशनर में बने रहना चाहते हैं।
बसुरिया से लबासर तक सड़क का काम नही हुआ लेकिन ग्रामीणों को मुंह चिढ़ाते हुए बोर्ड लगा दिए गये हैं।
बोर्ड पर कार्य प्रारंभ दिनांक 10-6-21 एवम कार्य पूर्ण होने की दिनाक 9-6-22 सार्वजनिक की गई है,किंतु धरातल पर स्थिति कुछ और ही नजर आ रही है।
ग्रामीण देवेंद्र पटेल ,राहुल राय, चंद्रकांत गढ़वाल , कमलेश महरा,राजेश यादव , देवेन्द्र वर्मा ,सोनू मेहराऔर सौरभ राय सड़क की शिकायत को लेकर जब एसडीएम सृष्टि देशमुख से बात करने पहुंचे तब एसडीएम द्वारा आश्वासन दिया गया की देखते हैं जांच करवाते हैं।