ग्राम पंचायत ।
कागजी ग्राम प्रधान द्वारा किए गए कार्यों का विकास धरातल पर कैसे और कितना?
महिला ग्राम प्रधान के पति प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रुप से पंचायत की बागडोर अपने हाथों में लिए हुए हैं। विस्तृत विश्लेषण में यह तथ्य सामने आए की कई बार महिला ग्राम प्रधान को यह जानकारी ही नहीं होती है की उसके नाम पर क्या काला पीला किया जा रहा है!
महिला ग्राम प्रधान की सहभागिता पंचायत में न के बराबर रहती है।
आपको बता दें की सहयोग करना और बागडोर सम्हालने में अंतर होता है। जो शायद सरपंच पति/पुत्र नही जानते हैं।
कुर्सी प्रेमी सरपंच पति/पुत्र महिला के ग्राम प्रधान होने पर भी स्वयं पंचायत भवन में विराजमान रहते हैं।
इसे बेशर्मी कहेंगे या ढिठाई कई जगह पर तो महिला प्रधान के स्थान पर सरपंच पति/पुत्र हस्ताक्षर कर काम चला रहे हैं।
महिला ग्राम प्रधान केवल कागजों पर प्रधान बनकर रह गई है?
*स्ट्रिंगर 24 न्यूज के साथ जानिए आखिर क्या हाल है ऐसे गांव का जिनकी बागडोर महिला ग्राम प्रधान के हाथों में है?किसका और कितना हुआ विकास?आखिर कुर्सी में है ऐसा क्या खास?*
आगामी विशेष रिपोर्ट - कागजी ग्राम प्रधान!
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