बरघाट रोड एमपीईबी ऑफिस के सामने ठेकेदार द्वारा डाली गई मुरम के मामले पर प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है वहीं दूसरी ओर राहगीरों के लगातार गिरकर घायल होने की सूचनाएं निरंतर प्राप्त हो रही हैं।महिलाओं और बच्चों के वाहन से गिरने की स्थिति पर जिम्मेदारों की अनदेखी महज उपेक्षात्मक रवैया ही बयां नहीं करती बल्कि लोक सेवकों और अधिकारियों की मंशा को भी स्पष्ट करती है।आखिर नगर पालिका प्रशासन क्यों अपने चहेतों पर कार्यवाही करने से पीछे हट रहा है।गुप्त सूत्रों की माने तो ठेकेदार और उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के चलते अब तक ठेकेदार पर लापरवाही पूर्वक कार्य करवाए जाने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।नाम न छापने पर स्थानीय निवासियों ने बताया कि नगर पालिका की कार्यशैली पहले भी संदिग्ध रही है।शिकायतों को हल करने की बजाय मामलों को दबाने में अधिक ध्यान दिया जाता है।
क्या नगर पालिका किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रही है थोथी बयानबाजियों के लिए।आखिर क्यों तमाम तरह के टैक्स लेने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने में आनाकानी करता है!