नरसिंहपुर।
नमस्कार,हमारे विशेष कॉलम खबरों की पड़ताल में आपका स्वागत है।तो बिना समय गवाएं हम आगे बढ़ते हैं,,,आज की खबर की ओर।
बात करते हैं बचई शुगर मिल की।स्थानीय निवासियों का कहना है की शुगर मिल की ओर से स्थानीय निवासियों,राहगीरों और गौ वंश के प्रति सजगता में कमी देखी जा रही है।संक्रमण के इस दौर में स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है,ऐसे हालात में सावधान रहना ही सुरक्षा है किंतु ऐसा लगता है बचई शुगर मिल प्रबंधन जनहित के स्वास्थ्य को देखते हुए अपने अपशिष्ट प्रबंधन पर कोई ठोस नीति अपनाता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।इसके पूर्व भी लगातार समाचार पत्रों एवम स्थानीय पोर्टल पर खबरें प्रकाशित की गई है।
जैसा कि - >
29-10-19 नईदुनिया में प्रकाशित किया गया था - बचई शुगर मिल पर झूठी ब्रांडिंग पर 20 हजार का जुर्माना।
5-2-20 news24.net.in पोर्टल पर प्रकाशित किया गया था - जहरीले पानी से जलीय जीवों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
8-2-21 पत्रिका में प्रकाशित किया गया था - 60 लाख का कर वसूलने बचई शुगर मिल पर कसा शिकंजा।
11-3-21 khabarlive24.in पोर्टल पर प्रकाशित किया गया था - किसानों को शुगर मिलों से गन्ना बेंचने के बाद पूरा भुगतान नहीं मिला है।
प्रतिवर्ष शुगर मिल प्रबंधन की लापरवाही की चर्चाएं समाचार पत्रों और स्थानीय पोर्टल और यूट्यूबर के माध्यम से सामने आती रहती है।
आखिर स्वास्थ्य को लेकर क्या है आगामी रणनीति शुगर मिल प्रबंधन की ?क्या दूरगामी परिणामों पर किया जाएगा विचार?
ऐसे तमाम और भी सवालों के जवाब जानेंगे , , , अगले अंक में।!