नरसिंहपुर।
आरटीओ विभाग की ताबड़तोड़ कार्यवाही के चलते जहा एक ओर ऑटो चालकों के सामने न सिर्फ ऑटो के जप्त हो जाने का भय है बल्कि भुखमरी का संकट पैदा हो गया है।कुछ ऑटो चालकों ने २०% कर्ज पर पैसा लेकर ऑटो के कागजात तैयार करवाए जिसका खामियाजा उन्हें इस प्रकार भुगतना पड़ रहा है की आज वो कर्ज चुकाएं या दो वक्त की रोटी अपने परिवार को खिला सकें।आज जिले में ऐसे भी ऑटो चालक हैं जिनकी स्थिति दयनीय है किंतु प्रशासन शायद इस बात को भूल गया है।कार्यवाहियां आवश्यक है किंतु किसी की भूख और जीवन पर संकट खड़ा हो ऐसी कार्यवाही सवालों के घेरे में आ जाती है।
दबी जुबान में ऑटो चालकों ने यह भी कहा कि क्या मानवीयता छोड़कर कार्यवाही के नाम पर तानाशाही रवैया अख्तियार किया जा रहा है।
मानवीय मूल्यों को बरकरार रखते हुए आरटीओ विभाग को अपनी कार्यवाही करना चाहिए।
कागजात बनवाने के लिए समय सीमा में ढील देते हुए विभाग ऑटो चालकों के साथ नरमी से पेश आए ताकि उनके परिवार भुखमरी के संकट से बच सकें और बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सकें।
हालाकि कुछ ऑटो चालकों ने कहा कि जो ऑटो चालक किराए को लेकर मनमानी करें,सवारियों से अभद्रता और नशे की हालत में मिलें तब नियमानुसार सख्त कार्यवाही आवश्यक है किंतु कागजात बनवाने के लिए अनेक परिवार भूख से तड़प कर दिन गुजार रहे हो तब इंसानियत को अनदेखा ना किया जाए।
एक तरफ जहां महामारी और मंहगाई ने पहले ही आम आदमी की कमर तोड़ रखी है वहीं दूसरी ओर से शासकीय फरमान ने ऑटो चालकों की रातों की नींद उड़ा दी है।