नरसिंहपुर।
जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर की बड़ी लापरवाही सामने आई है।मामला यह है की दवा वितरण केन्द्र पर दवा वितरण के दौरान कुछ दवाएं मरीज को कम दी गई,मरीज ने पाया कि शायद कुछ दवाएं कम दी गई है,संदेह व्यक्त करते हुए वापस जाकर दवा वितरण केन्द्र से पूछा की क्या इसमें कुछ दवाएं कम हैं,तब कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया।और पर्ची से दवा के नाम का हिस्सा फाड़कर दे दिया गया।आगे और पूछने पर मुंह में गुटखा होने का बहाना कर मरीज को जाने को कह दिया।वापस जाकर चिकित्सक से बात करनी चाही तब तक चिकित्सक जा चुके थे।क्या यह कोई scam है, या कोई लापरवाही।यदि लापरवाही भी है, तब भी इस और गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।मरीज कोई उपाय न देख बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर हुआ है।और यह अपने आप में पहला मामला हो ऐसा भी नहीं है।इसके पूर्व भी मरीज के साथ हो रहे इस मौन अत्याचार पर प्रकाश डाला जाता रहा है।आखिर क्यों जिम्मेदार इस तरह की लापरवाही बरत रहे हैं।उपरोक्त घटना यह सोचने पर मजबूर कर देती है की, क्या यह संभव नहीं है की इस तरह से दवाओं की हेरा फेरी नही की जा सकती है!