World Disability Day 2021 : हर साल विश्व में 3 दिसंबर का दिन अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन का मकसद है - दिव्यागों के प्रति लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करना। हर साल इस दिन दिव्यांगों के विकास, उनके कल्याण के लिए योजनाओं, समाज में उन्हें बराबरी के अवसर मुहैया करने पर गहन विचार विमर्श किया जाता है।
हर वर्ष दुनिया के तमाम देशों में 3 दिसंबर को दिव्यांगों के उत्थान, उनके स्वास्थ्य व सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने 1981 को ''विकलांग व्यक्तियों का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष'' घोषित किया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1983 से 1992 को दिव्यांगों के लिए संयुक्त राष्ट्र के दशक की घोषणा की थी ताकि वो सरकार और संगठनों को विश्व कार्यक्रम में अनुशंसित गतिविधियों को लागू करने के लिए एक लक्ष्य प्रदान कर सकें। इसके बाद 1992 से 3 दिसंबर, विश्व दिव्यांग दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
हर वर्ष की भांति विश्व विकलांग दिवस (दिव्यांग) दिवस तो मनाया जाता है पर शासन प्रशासन एक दिन सिर्फ इनकी ख़बर लेकर छोड़ देता है आज दिव्यांग लोगो का जीवन यापन बहुत ही दयनीय हो चुका है एक तो महंगाई की मार एवं इस कोरोना के कारण उसे न तो उचित व्यवसाय मिल पा रहा है ना ही सरकारी नौकरी, सरकारी नौकरी में आरक्षण की बात कहने वाले विभाग सामाजिक न्याय विभाग ने विकलांग पुनर्वास केंद की भर्ती सामाजिक न्याय विभाग आरक्षण नही देती है एवं पूछने पर बताते है कि एकल पद होने के कारण दिव्यांग व्यक्तियों को आरक्षण नही दिया जा सकता है बह ये क्यों भूल जाते है हर जिले दिव्यांग पुनर्वास केंद्र है तो फिर यह एकल कैसे हो गया है कोई दिव्यांगजन इसमे अप्लाई भी करता है तो उससे यह सवाल पहले पूछा जाता है कि आप यह जॉब कर पाओगे, आपको कोई और जॉब अप्लाई करे, आज दिव्यांग को न तो pm आवास योजना का लाभ मिल रहा है न ही अच्छी शिक्षा क्योंकि अच्छी शिक्षा के लिये उचित उपकरण नही है यहाँ तक सार्वजनिक जगह जैसे स्कूल, हॉस्पिटल, बैंक , इत्यादि सार्वजनिक केंद्रों पर रैम्प की व्यवस्था नही है और कहे तो क्या क्या कहे सामाजिक न्याय विभाग नरसिंहपुर ऑफिस में एक रैम्प बना तो है लेकिन उचित तरीके से नही बना है नरसिंहपुर में संचालित विकलांग पुनर्वास केंद्र भी खुला है लेकिन काम क्या कर रहे है या इनका ऑफिस कहा है ये दिव्यांग व्यक्ति को पता ही नही है सभी सार्वजनिक कार्यालय में व्हीलचेयर नही है आज हमारे नरसिंहपुर में 13500 के लगभग दिव्यांग व्यक्ति है क्या इनमे से सभी जरूरत मंद व्यक्तियों को 600रु सामाजिक पेंसन मिल पा रही है आज तक लोगो को दिव्यांगता कानून 2016 नही मालूम है एक दिन यह दिवस मना लेने से सरकार या समाज पीछे नही हट सकते है अभी भी लोगो को 18 प्रकार की दिव्यांगता नही मालुम है हमे यह आवाज उड़ानी होगी एवं सभी को जागृत करना होगा कि दिव्यांग व्यक्ति भी वो सब कर सकता है जो एक सामान्य व्यक्ति कर सकता है उसे सिर्फ उचित अवसर चाहिए इसके लिए जितने भी विभाग वन है उनको एवं सरकारों को भी इस और सोचना होगा, इस विकलांगता दिवस में सिर्फ एक जिले का नही बल्कि सभी जिलों का ये हाल है हैम सभी को किसान नेताओ की तरह एकजुटता का प्रतीक बनके सरकार का ध्यान हमारी तरफ खीचना होगा ये विकलांग दिवस जब साकार होगा जब हैम सभी एक वेनर के तले आना होगा एवं सभी दिव्यांगजन को एक ही नारा बुलंद करना होगा ।
*"हम दिव्यांग तुमसे महान"* लेखक *कमलेश रजक*✍🏻