कीचड़ में फंसा गांव, कागजों में दौड़ती विकास की सड़क
7 अप्रैल को एसडीएम दफ्तर पहुंचेगी किसान सभा, उग्र आंदोलन की चेतावनी
बारहा बड़ा (ग्राउंड रिपोर्ट) —
सरकारी फाइलों में विकास दौड़ रहा है… लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बारहा बड़ा के वार्ड नंबर 4 और 5 के लोग आज भी कीचड़ में फंसकर जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। बरसात आते ही सड़क दलदल बन जाती है और प्रशासन की संवेदनाएं भी शायद उसी कीचड़ में धंस जाती हैं।
मध्य प्रदेश किसान सभा की बैठक में यह दर्द खुलकर सामने आया। राज्य सहायक महासचिव जगदीश पटेल के मार्गदर्शन और जगदीश कुशवाहा की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीणों ने साफ कहा —
"सड़क नहीं, तो विकास सिर्फ भाषणों में है।"
1.5 किलोमीटर की सड़क, लेकिन लोगों की जिंदगी पर भारी
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सामने आया कि —
- पेट्रोल पंप से रघुवर कुशवाहा के घर होते हुए ऊमर नदी तक लगभग 1.50 किलोमीटर सड़क
- कनछेदी कुशवाहा के मकान से प्रकाश होरी वाले के घर तक करीब 1 किलोमीटर रास्ता
बरसात में यह रास्ता दलदल बन जाता है। स्थिति ऐसी कि —
- स्कूल जाने वाले बच्चे फिसलकर गिरते हैं
- मरीजों को सड़क तक लाना मुश्किल
- गर्भवती महिलाओं की स्थिति सबसे गंभीर
- एम्बुलेंस गांव में आने से कतराती है
सवाल वही — क्या प्रशासन को ये हालात दिखाई नहीं देते या देखने की फुर्सत नहीं?
वर्षों से मांग, लेकिन कार्रवाई शून्य
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत से लेकर प्रशासन और शासन स्तर तक कई बार मांग की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला… सड़क आज भी कीचड़ में दबी हुई है।
किसान सभा ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। 7 अप्रैल को एसडीएम गाडरवारा को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
चेतावनी: अब होगा उग्र आंदोलन
- अनिश्चितकालीन धरना
- आमरण अनशन
- चक्का जाम
- उग्र आंदोलन
सिर्फ सड़क ही नहीं, समस्याओं का अंबार
- अधूरे आवास निर्माण
- अटल ज्योति योजना के तहत ट्रांसफार्मर
- नल जल योजना पाइप लाइन
- ऊमर नदी पर रिपटा या पुल निर्माण
"सड़क नहीं, बिजली अधूरी, पानी अधूरा… आखिर किसे दिखाया जा रहा है विकास?"
बैठक में शामिल रहे
रामाधार कुशवाहा, दिनेश कुशवाहा, बृजलाल कुशवाहा, शेखर कुशवाहा, केशव कुशवाहा, कैलाश कुशवाहा, हेमंत कुशवाहा, हेमराज कुशवाहा, हरप्रसाद कुशवाहा, अरविंद कुशवाहा, प्यारेलाल कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे मौजूद रहे।
ग्राउंड रिपोर्ट का सवाल:
क्या प्रशासन 7 अप्रैल से पहले जागेगा… या फिर बारहा बड़ा की सड़क पर ही आंदोलन की शुरुआत होगी?
क्योंकि गांव अब इंतजार नहीं… जवाब चाहता है।
क्या प्रशासन 7 अप्रैल से पहले जागेगा… या फिर बारहा बड़ा की सड़क पर ही आंदोलन की शुरुआत होगी?
क्योंकि गांव अब इंतजार नहीं… जवाब चाहता है।
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