*सालीचौका के रहवासी निराश!:डबल ईंजन की सरकार से आस?*
लम्बी दूरी की एवं द्रुतगामी ट्रेनों के नहीं रुकने के कारण स्टेशन पर सूनापन छाया रहता है।यह है समीचौका स्टेशन का नजारा!
कुछ ट्रेनों के स्टॉपेज को लेकर कई बार रेलवे के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन,आवेदन दिया गया, परंतु कोई नतीजा नहीं निकला!
ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियो एवं उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई।स्थानीय समाजसेवी संस्थाओ ने भी अपने क्षेत्र के समस्त लोगों ने भी धरना प्रदर्शन किया, परंतु रेलवे प्रशासन द्वारा आश्वासन देकर भी इस ओर ध्यान देना उचित नहीं समझा!
विशेष ट्रेनें सभी स्टेशनों पर नहीं रुकती हैं, इसलिए आम यात्रियों को फिर से वापस अपने गंतव्य पर आने या जाने के लिए दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ता है जिसके कारण आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ता है।
ग्रामीणों को इलाज कराने व दवा लेने तथा व्यापारियों बाजार जाने के लिए महंगे किराए से प्राइवेट साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे समय बर्बादी कि साथ साथ ही जेब ढीली करनी पड़ रही है।
बीमार और असहाय लोगों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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