*जबलपुर भेडाघाट का कलचुरी कालीन 64 योगनी मंदिर और संसद भवन*
देखिये सचमुच कितना अद्भुत साम्य है..हमारे 64 योगिनी मंदिर और पार्लियामेंट हाउस दिल्ली में..और अंग्रेजों का कहना है कि उनके लोगों ने हमारे पार्लियामेंट का डिज़ाइन बनाया..!!
दुख की बात तो यह है कि हम उनकी बात पर ही ज्यादा भरोसा करते हैं....
जबलपुर की ऐतिहासिक संपन्नता में एक और अध्याय जोड़ता है। प्रसिद्ध संगमरमर चट्टान के पास स्थित इस मंदिर में देवी दुर्गा की 64 अनुषंगिकों की प्रतिमा है। इस मंदिर की विषेशता इसके बीच में स्थापित भागवान शिव की प्रतिमा है, जो कि देवियों की प्रतिमा से घिरा हुआ है। *इस मंदिर का निर्माण सन् 1000 के आसपास कलीचुरी* वंश ने करवाया था। मंदिर के सैनटोरियम में रानी दुर्गावती की मंदिर की यात्रा से संबंधित एक शिलालेख भी देखा जा सकता है। यहां एक सुरंग भी है जो चौंसठ योगिनी मंदिर को गोंड रानी दुर्गावती के महल से जोड़ती है। यह मंदिर एक विशाल परिसर में फैला हुआ है और इसके हर एक कोने से भव्यता झलकती है। बेशक, अगर आप जबलपुर जा रहे हैं तो यह मंदिर जरूर जाएं।
*जय सहस्त्रार्जुन*
प्रकाशित लेख/समाचार पत्रकार अवधेश चौकसे द्वारा stringer24news के साथ साझा किया गया।
