*चमत्कार को नमस्कार:*
*केवल नर्मदा का जल पीकर 1022 दिनों से जीवित हैं दादा गुरु महाराज:विज्ञान भी हैरान* *साधना पर होगा शोध*
सालीचौका नरसिंहपुर: यह कहावत हम सभी ने सुनी होगी कि *भूखे पेट न होय भजन गोपाला*, *ये ले तेरी कंठी, ये ले तेरी माला* यह कहावत उन लोगों ने बनाई है, जिन्हें भक्ति की शक्ति का जरा भी अंदाजा नहीं है। लेकिन इस कहावत को झूठा साबित कर रहे हैं, जबलपुर के संत दादा गुरु महाराज
जबलपुर के दादा गुरु महाराज
समर्थ भैया जी सरकार, जो दादा गुरु महाराज के नाम से विख्यात हैं, जबलपुर के एक ऐसे संत हैं जो पिछले 1022 दिनों से ऐसा उपवास कर रहे हैं, जिस पर यकीन करना मुश्किल है। यह उपवास न ही किसी फलाहार पर है और न ही किसी अन्य खाद्य-सामग्री पर, बल्कि सिर्फ नर्मदा के जल यानी पानी पर है।
दादा गुरु महाराज पिछले 1022 दिनों से सिर्फ मां नर्मदा के जल पर जीवित हैं। उनकी इस तपस्या से डॉक्टरों के साथ आधुनिक विज्ञान भी हैरान है कि यह असंभव कार्य संभव कैसे हो सकता है। लेकिन यह सोलह आने सच और शोध का विषय है।
*17 अक्टूबर, 2020 को त्याग दिया था अन्न*
मां नर्मदा के साथ दादा गुरु महाराज का रिश्ता एक इंसान और पवित्र नदी के बीच का आध्यात्मिक और पावन रिश्ता है। कहते हैं, जब रिश्ता अटूट बन जाए तो चमत्कार होता है। कुछ ऐसा ही चमत्कार जबलपुर में हो रहा है।
दादा गुरु ने 17 अक्टूबर, 2020 से अन्न का त्याग कर जीवनदायिनी मां नर्मदा के बचाव और उत्थान का संकल्प उठाया था। और, तब से लेकर आज तक अनवरत महाव्रती दादा गुरु सिर्फ मां नर्मदा के जल का सेवन कर रहे हैं।
*केवल नर्मदा का जल पीकर है जीवित*
बता दें, पिछले 1022 दिन से अन्न का त्याग करने के बावजूद दादा गुरु की ऊर्जा किसी नव युवक से कम नहीं है। वे लगातार मां नर्मदा की पैदल परिक्रमा कर रहे हैं। गांव-गांव शहर-शहर घूम कर मां नर्मदा की भक्ति के प्रति लोगों को जागृत कर रहे हैं।
दिन-ब-दिन दादा गुरु के साथ मां नर्मदा के भक्तों का जत्था बढ़ता ही जा रहा है। जल व्रत धारण करने के बाद भी दादा गुरु की ऊर्जा में कोई कमी नहीं आई है। वे आज भी दौड़ लगाते हैं।
*विज्ञान भी हैरान और नतमस्तक*
दादा गुरु की इस ऊर्जा के सामने विज्ञान भी नतमस्तक है। डॉक्टर लगातार दादा गुरु के सिर्फ पानी पीकर जिंदा रहने और उनकी ऊर्जा के राज को जानने की कोशिश कर रहे हैं।
डॉ. आरएस शर्मा, जबलपुर मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन एवं विशेषज्ञ, बताते हैं कि अमूमन जब कोई व्यक्ति एक दिन से ज्यादा का उपवास और व्रत रखता है तो उसके शरीर की एनर्जी कम होने लगती है लेकिन दादा गुरु के साथ ऐसा नहीं है।
*महाव्रती योगी संत दादा गुरु महाराज*
जहां विज्ञान अपने हाथ जोड़ लेता है। वहां से ध्यान और योग की शुरुआत होती है। इसी बात को साबित कर रहे हैं महाव्रती योगी संत दादा गुरु।
दादा गुरु को जब कहीं किसी शहर या गांव जाना होता है, वे ज्यादातर पैदल ही चलते नजर आते हैं। केवल जल पीकर जीने वाले दादा गुरु बाकायदा नर्मदा परकम्मा (परिक्रमा) भी कर चुके हैं।।
*मध्य प्रदेश के संत राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में बने हुए हैं. पिछले साढ़े तीन साल से केवल नर्मदा जल पर आश्रित रहने का दावा करनेवाले दादा गुरु की साधना पर शोध होगा. डॉ मोहन यादव की सरकार ने फैसला ले लिया है*
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से विशेषज्ञों की कमेटी का गठन भी कर दिया गया है. कलेक्टर दीपक सक्सेना ने गत मंगलवार को जबलपुर के मदन महल स्थित शिमला हिल्स में दादा गुरु से भेंट की. उन्होंने संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा की तरफ से जारी निर्देशों पर चर्चा की.
कलेक्टर ने जानकारी दी कि मोहन यादव की सरकार महायोगी दादा गुरु की साधना पर शोध और उसकी प्रमाणिकता को विश्व पटल पर स्थापित करने की कोशिश कर रही है. लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार डीन नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की तरफ से विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित की गई है. कमेटी के अध्यक्ष पूर्व प्राध्यापक, कार्डियोलॉजी विभाग एवं पूर्व कुलपति एमपीएमएसयू जबलपुर डॉ. आरएस शर्मा और सदस्य सहायक प्राध्यापक मेडिसिन डॉ. प्रशांत पुणेकर, सहायक प्राध्यापक पैथोलॉजी विभाग डॉ. राजेश महोबिया और नर्मदा मिशन के अध्यक्ष नीलेश रावल होंगे.
*संत की साधना पर होगा शोध*
जिला प्रशासन ने बताया है कि विशेषज्ञों की कमेटी नियमित रूप से दादा गुरु के पल्स, ब्लड प्रेशर, ईसीजी की जांच करेगी. जरूरत होने पर ब्लड शुगर, कोलेस्ट्राल, यूरिया, यूरिक एसिड की भी जांच की जाएगी. विशेषज्ञ कमेटी को जांच रिपोर्ट को 3 सप्ताह में रजिस्ट्रार मेडिकल काउंसिल के सामने पेश करना होगा. शोध के दौरान दादा गुरु को 7 दिनों तक 24 घंटे लगातार निगरानी में रखा जायेगा. विशेषज्ञ कमेटी को सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है.
*सरकार ने बनाई विशेषज्ञ कमेटी*
गौरतलब है कि नर्मदा मिशन के संस्थापक दादा गुरु 3 साल 7 माह से निराहार रह कर सिर्फ नर्मदा जल ग्रहण कर रहें है. ऐसी स्थिति में संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ने दादा गुरु पर शोध करने का निर्णय लिया है. शोध के दौरान पता लगाया जायेगा कि आखिर नर्मदा जल में ऐसे कौन से तत्व हैं जिसके सेवन से लम्बे समय तक बिना अन्न ग्रहण किये कोई व्यक्ति जीवित रह सकता है? कलेक्टर श्री सक्सेना ने भी शोध के दौरान बरती जानेवाली सावधानीयों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये.
प्रकाशित समाचार पत्रकार अवधेश चौकसे द्वारा stringer24news के साथ साझा किया गया।