सीएम हेल्प लाइन बनी तमाशा :जिम्मेदार कर रहे खानापूर्ति:नरसिंहपुर।
संतुष्टि पूर्वक निराकरणकी जगह फर्जीवाड़े का खेल स्थानीय लोगों में सरकार के प्रति सोच को पलीता लगा रहा है।
दरअसल वास्तविकता यह है कि,तानाशाह बने विभागीय अधिकारी शिकायतकर्ता की शिकायत का निराकरण करने की बजाय उसे बहला-फुसला या धमकाकर जबरन शिकायत को बंद कराने का प्रयास किया जाता है।
अधिकारियों की अनदेखी के चलते लोगों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। आलम यह है कि आवेदक एक ही समस्या लेकर बार-बार 181 डायल कर रहे हैं, जबकि उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है।
कई आवेदकों को तो शिकायत किए हुए कई माह गुजर गए हैं। बावजूद उनका समाधान नहीं हुआ है।
मामला चाहे ग्राम पंचायत पलेरा हो या फिर ग्राम पंचायत मोहपानी या ग्राम पंचायत कामती की शिकायत, हालात यह हैं कि,विभाग के सम्बंधित अधिकारी-कर्मचारी शिकायतकर्ता पर बिना निराकरण किये शिकायत को बंद कराने छल, बल, दाम दंड, भेद का दबाव बना शिकायत को बंद कराने का प्रयास किया जा रहा है।
शिकायत का बिना निराकरण किये जबर्दस्ती कटाने का नाजायज दबाव विभाग के आलाधिकारियों द्वारा बनाया जाता है।जिसका परिणाम भाजपा सरकार को आगामी चुनाव में उठाना पड़ सकता है।
