एक तो चोरी ऊपर से सिनाजोरी कहावत को चरितार्थ करने वाले सचिव का कारनामा सुनेंगे तो आपके पैरों तले से जमीन खिसक जाएगी।
बनना था दादा का मृत्यु प्रमाण पत्र लेकिन सचिव ने किसी लालच के लोभ में या फिर त्रुटि वश पोते के नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया।
अब पोता बेचारा खुद को जिंदा साबित करे या फिर सचिव की तानाशाही सहे?जब बार बार सचिव से बोलने के बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र में सुधार नहीं हुआ तो पोते ने सचिव की शिकायत सीएम हेल्प लाइन पर कर दी, जिससे नाराज सचिव ना सिर्फ प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष तौर पर शिकायत कर्ता को डरा रहा है बल्कि सचिव के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह अभद्रता के साथ शिकायत कर्ता से न सिर्फ बात कर रहा है बल्कि उसे पत्रकारों से पहचान के नाम पर डरा भी रहा है।
वैसे यह नरसिंहपुर जिला प्रशासन है! यहां सबकुछ संभव है?कायदे से सचिव की इस भूल के लिए विभाग कार्यवाही करनी चाहिए लेकिन सचिव भी जानता है कि,प्रशासन कुंभकर्णी निद्रा में लीन हैं इसलिए वह प्रधानमंत्री से लेकर प्रदेश के मुखिया के नाम पर शिकायत कर्ता से उल जलूल बाते कर रहा है। है ना हैरत की बात!
वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग में आप सुन सकते हैं कि सचिव अपनी तानाशाही का जलवा शिकायत कर्ता को दिखा रहा है।
वैसे सचिव पर यह कोई पहली बार इल्जाम नही लगा है,इसके पूर्व भी अनियमितताओं और लापरवाही को लेकर ग्राम पंचायत बितली ने जमकर सुर्खियां बटोरी है।
जारी :
आखिर इस बारे में सचिव और शिकायत कर्ता का क्या कहना है? यह सिर्फ एक भूल है या फिर कोई साजिश?क्या पोता दोबारा हो पाएगा कागजों में जिंदा?यदि हां तो कब तक?



.jpg)