नरसिंहपुर।
सड़कों पर खुलेआम घूमते मवेशियों की समस्या से निजात दिलाने में जिला प्रशासन नाकाम दिखाई दे रहा है।
जहां एक ओर सड़क पर घूमते मवेशी वाहन चालकों के लिए खासा सरदर्द साबित होते हैं,वहीं दूसरी ओर छोटे बच्चों,बुजुर्गों और महिलाओं के साथ दुर्घटना का अंदेशा भी बना रहता है।
हालाकी प्रशासन समय समय पर कार्यवाहियां करने के दावे तो करता है,लेकिन उन कार्यवाहियों के नतीजे सिफर ही नजर आते हैं।
गौ वंश के नाम पर पब्लिसिटी हासिल करने वाले भी इस बारे में गंभीरता नही बरत रहे हैं।
गौ शालाओं की स्थिति से जिले की जनता अनभिज्ञ नही है।गौ शालाओं में पहुचाए जाने वाले पशुओं का क्या हश्र होता है? यह भी सर्वविदित है! सुशासन की यह तस्वीरें आपको विचलित कर सकती हैं।
शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक रेलवे स्टेशन मार्ग पर अव्यवस्था की यह तस्वीर बताती है कि, प्रशासन यातायात व्यवस्था और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर कितना जागरूक है!
क्या यह मान लिया जाना चाहिए की सड़क पर आवारा मवेशियों का उत्पात जारी रहेगा?क्या गौ वंश गौ शाला के स्थान पर सड़कों पर भारी वाहनों के बीच भटकता रहेगा?क्या माता पिता को हमेशा आशंकित और आतंकित रहना होगा की सड़क पर उनके नौनिहाल के साथ कहीं कोई दुर्घटना ना हो जाए?आखिर कब प्रशासन कोई ठोस रूपरेखा बनाकर सड़कों पर मवेशियों की समस्या से निजात दिला पाएगा?
साफ सफाई और सुव्यवस्था और स्वच्छता का दंभ भरने वाला प्रशासन दीया तले अंधेरा नहीं देख पा रहा है? चौराहो और मुख्य बाजार मार्ग पर विचरण करते ये पशु गाहे बगाहे दुर्घटना का कारण भी बनते रहे हैं।सड़क के बीचों-बीच इनके झगड़ने पर तो स्थिति और भयानक रूप ले लेती है।
गौ शालाओं और गौ वंश के नाम पर मिलने वाला धन कब जनसेवकों और सरकारी मुलाजिमों की जेब तक पहुंचने लगा यह बात शायद आम आदमी की सोच से परे हो लेकिन अधिकारी से लेकर कलमकार इस सबसे अनजान नही थे? हां यह बात जरूर है की अनजान बनने का तमाशा आवश्यक था अन्यथा निष्पक्षता,पारदर्शिता और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए जाने लगते!वैसे भी यह सवाल उठाता कौन!गरीब की तो यहां कोई फरियाद या शिकायत सुनी नही जाती! हां सुनवाई का अभिनय जरूर किया जाता है।
आवारा गौ वंश को गौ शाला में स्थानांतरित कर समस्या से कुछ हद तक निजात पाई जा सकती है, एवम जो पशु पालक अपने मवेशियों को सड़क पर खुला छोड़ देते हैं उन पर तगड़ा जुर्माना लगाया जाए, तो इससे न सिर्फ आम जनता को राहत मिलेगी,, बल्कि गौ वंश भी सुरक्षित रह सकेगा। लेकिन जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।कितनी हैरानी की बात है!अगर इस समस्या का निराकरण और स्थिति पर नियंत्रण नहीं हुआ तो मुख्य मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी रहेगा।
गौ वंश को लेकर राजनीतिक दल व समाजसेवी बड़ी-बड़ी बातें करते हैं किन्तु धरातल पर सेवा का भाव कोई नहीं दिखा रहा है। सड़क और हाई वे पर तेज गति बड़े वाहनों के बीच घूमने वाले एवम उचित रख-रखाव न होने से गोशाला में पल रहे मवेशियों के जीवन में खतरा मंडरा रहा है।
