धर्म परिवर्तन के लिए प्रलोभन का आरोप।
नरसिंहपुर जिले की चिचली जनपद के ग्वारी गांव से सनसनी खेज मामला निकलकर सामने आ रहा है।यहां डीएफओ पर ग्रामीण आदिवासियों ने धर्म परिवर्तन के लिए प्रलोभन का आरोप लगाया है।
ग़रीब आदिवासियों और दलितों को पैसों और सुविधाओं का प्रलोभन दे कर धर्म परिवर्तन कराने के लिए प्रेरित करने की यह घटना बेहद गंभीर है।
काल्पनिक कहानियां, लालच और वीडियो दिखा कर भ्रमित करते हुए इसाई मशीनरी अपने धर्म को श्रेष्ठ बता कर लोगों को धर्मांतरण की कोशिश करने का सिलसिला जिले में बढ़ रहा है?
जिले में इसके पूर्व भी धर्मांतरण का मुद्दा उठा था, सूत्रों के मुताबिक धर्म परिवर्तन के लिए आदिवासी परिवारों को लालच भी दिया जाता है।आरोप है कि धर्मांतरण का यह खेल बीमारी ठीक होने, शराब छूटने और आर्थिक स्थिति सुधारने के नाम पर खेला जा रहा है।इसके लिए कई बार तो हिन्दुओं से हिन्दू देवी देवताओं की पूजा बंद करवाकर मूर्तियों का विसर्जन तक करवा दिया जाता है।
कथित तौर पर यह सामने आया कि, जिले में कुछ संस्थान बरसों से इस धर्मांतरण के खेल को चोरी छिपे फंडिंग कर रहे है हालाकी फिलहाल stringer24news फंडिंग की पुष्टि नहीं करता है।हालाकी इस पूरे घटनाक्रम पर हिंदू संगठन के लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक,
आदिवासियों का कहना है कि जामगांव रेस्ट हाउस में वन विभाग के अधिकारी द्वारा ग्राम वासियों को बुलाया गया और धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा गया कि ,अगर आप धर्म परिवर्तन करते हो तो आपको स्वास्थ्य सुविधाएं और पटटे भी मिल जाएंगे वन भूमि के।
अधिकारी द्वारा बताया गया कि मेरे द्वारा भी धर्म परिवर्तन किया गया है और आज में अच्छे से जिंदगी जी रहा हूं।
यह वही ग्वारी गांव है जिसमें 18 साल से सड़क के लिए मांग चली आ रही है लेकिन सड़क तो नहीं मिली आदिवासियों का कहना है कि 26 26 लाख के नोटिस जरूर आ गए हैं।
जारी :
समाचार लिखे जाने तक डीएफओ से संपर्क नही हो पाया है।
