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*पंचायत में कब रुकेगा गबन?*

ग्रामीण अंचल अगर आज भी विकास की दौड़ में पीछे हैं तो इसकी एक बड़ी वजह भ्रष्टाचार,गबन पर अंकुश न लग पाना है।

सरकारी योजनाओं को रेवड़ी कहने वाले सरकारी योजनाओं के लिए आई राशि को मलाई की तरह बाट कर ग्रामीणों के हक पर डाका डाल रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, खेल मैदान, मुक्तिधाम, मिड डे मील, व्रक्षा रोपण, सड़क नाली निर्माण, मनरेगा मजदूरी, मेढ़ बंधन जैसी अनेकों योजनाओं में विभिन्न स्तर पर जमकर गोलमाल किया गया जिसका नतीजा है कि आज भी गांव बदहाली की तस्वीर नजर आते हैं।

अनेको मामलो में तो हितग्राहियों के आवास अपूर्ण होने के बावजूद पूर्ण बताकर गड़बड़ी की गई है। शिकायतों की जांच का झूठा आश्वासन देने का खेल चल रहा है।उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में ही ग्राम स्तर पर जबरदस्त धांधली और मनमानी चल रही है। जमकर फर्जी बिल वाउचर लगाए जा रहे है।

एक ओर शासन की कवायद जहां ग्रामीण मजदूरों को रोजगार परक बना कर उन्हें आत्मनिर्भर करने की है वही जमीनी धरातल पर मनरेगा योजना सरकारी धन के बंदरबाट की कहानी बयां करता है।मनमाने तरीके से मास्टर रोल भर सरकारी योजना का पलीता लगाया जा रहा है।

मनरेगा के तहत जेसीबी से कार्य कराकर सरकारी नियम की धज्जियां उड़ाई गई। अपात्रों को आवास योजना का लाभ दिया गया, लेकिन जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर रिकवरी का आदेश दिया गया, लेकिन सरकारी उदासीनता के चलते अपात्रों से धन की अब तक रिकवरी भी नहीं की गई।

नरसिंहपुर जिले में कहीं संबल योजना के नाम पर मृतकों के नाम से छेड़छाड़ कर गबन किया गया तो कहीं मनरेगा मजदूरी में मृतकों के नाम पर गोलमाल सामने आया। यह तो उदाहरण मात्र है,आज भी गबन के सैकड़ों मामलों की शिकायतें विभागों में लंबित पड़ी हैं।अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत के चलते पूरे मामले को रफा दफा करने का खेल जिले में बदस्तूर जारी है।

शासन के सारे नियमों को ताक पर रखकर विकास के नाम पर महज खानापूर्ति कर राशि का बंदरबाट किया जा रहा है। जिसकी बानगी जनपद पंचायत चीचली अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मोहपानी, भिलमा ढाना, ग्राम कामती जनपद साईं खेड़ा में देखी जा सकती है।

मोहपानी में ग्रामीणों ने आदिवासी महिला को सरपंच चुना है लेकिन उसके नाम से जितेंद्र कौरव एक दबंग बिना चुने ही सरपंची कर रहा है। ग्रामीणों की माने तो वह बकायदा सरकारी दस्तावेजों में फर्जी दस्तखत भी करता है और शान से सरपंच पद का फायदा उठाते हुए पर योजनाओं में धांधली कर रहा है।

यह है नरसिंहपुर जिले में पंचायती राज की असली तस्वीर जिसे अधिकारी भी अनदेखा किए हुए हैं और दबंग बिना चुने सरपंच बनकर पूरी पंचायत में अपना सिक्का चला रहा है। अगर यह कहा जाए कि जनपद पंचायत के अधिकारियो की मिलीभगत से पंचायत ठेके पर पिछले पांच साल से चल रही है तो गलत नहीं होगा।

जारी :

stringer24news संवाददाता ने जब ग्रामीणों से पंचायत में चल रहे निर्माणकार्यों का ब्यौरा जानना चाहा तो मामला काफी चौंकाने वाला सामने आया, ,



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