जनपद चीचली आये दिन मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है, कभी पद के दुरूपयोग के लिए तो कभी भ्रष्टाचार के लिए तो कभी सरकारी राशि में हेराफेरी कर ग़बन करने को लेकर।
चिचली जनपद के अधिकारी जिला प्रशासन की कार्यवाही से भय मुक्त हो चुके है और सरकारी धन में अपनी बकैती समझ लूट मचा रखी हुई है।
दरअसल भ्रष्टाचारियों को यह मालूम है कि ज्यादा से ज्यादा शिकायत होगी और जांच होगी, मगर जांच अधिकारी को कैसे सांठगांठ कर हमें दबाना है,ये वह अच्छे से जानते हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार भ्रष्टाचार की शिकायतों पर विभागीय जांच के नाम पर जाँच अधिकारियों की टीम जांच करने तो पहुँचती है और लिफाफे के दर्शन करते ही इस सचिव/सरपंच को हमेशा की तरह दोषमुक्त कर दिया जाता है।
जनपद में अधिकारीयो के द्वारा भ्रष्टाचार,गबन, अनियमितता के कार्यो पर आंखे मुद लेना मिलीभगत को दिखाता है।
जनपद पंचायत सीईओ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। नाम ना जाहिर करने की शर्त पर ऑफ कैमरे पर जनपद के ही एक अधिकारी ने कहा की पूरा सिस्टम ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। परसेंटेज के आधार पर कमीशन फिक्स हो जाता है।जब सबका हिस्सा तय हो तब कार्यवाही कौन किस पर करेगा?
ग्राम मोहपानी सरपंच यदि पंचायत चलाने में असमर्थ हैं तो उन्हें धारा 40 के तहत पद से हटाने की कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा जांच में अर्थिक गड़बड़ी सामने आने पर पंचायत चलाने वाले जितेंद्र कौरव और सचिव के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होना चाहिए लेकीन अधिकारी कमाऊ पूतों पर आंच नहीं आने देना चाहते हैं?
जारी :
।। जल्द सनसनी खेज खुलासा ।।
ठेके पर दी जा रही पंचायत! अगर यह कहा जाए कि जनपद पंचायत के अधिकारियो की मिलीभगत से पंचायत ठेके पर पिछले एक साल से चल रही है तो गलत नहीं होगा।
