नरसिंहपुर।
जिले की अधिकांश ग्राम पंचायत भ्रष्टाचार का दंश झेल रही है।जिसका खामियाजा वर्तमान में तो ग्रामीण जनता भुगत रही है लेकिन आगामी दिनों में हालात और भी बदतर हो जायेंगे।
जब जिले के विकास की बात की जाती है तो आपके जहन में शहर की जो तस्वीर उभर कर आती है (चमचमाती सड़कें,आधुनिक गाड़ियां,आलीशान ऑफिस और बंगले, रेस्टोरेंट और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स) यह सिर्फ मुख्य मार्ग और हाई वे की शोभा है।हकीकत कुछ और है?
जी हां,यह सिर्फ सिक्के का एक पहलू है।जब आप सिक्के के दूसरे पहलू के बारे में जानेंगे और सोचेंगे तो एक बार के लिए आप भी सहम जायेंगें।
पिकनिक स्पॉट के अलावा अगर आपने कभी भी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों पर नजर डाली हो, तो शायद आप जल्द ही यह समझ जायेंगे की, भ्रष्टाचार की दीमक गांव के विकास को चाट रही है।
ऐसा बिल्कुल भी नहीं है की पैसा सिर्फ शहर में बहाया जा रहा है और शहर को सुंदर दिखाया जा रहा है। गांव में भी शहर की तर्ज पर सुंदर रगों से सजे हुए पंचायत भवन है?आगनबाड़ी,स्कूल और उप स्वास्थ केंद्र हैं बावजूद इसके ग्रामीणों को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए गुहार लगानी पड़ रही है,धरने और शिकायतें करनी पड़ रही है।
क्या इससे यह स्पष्ट नहीं होता की, दाल में कुछ काला है, या फिर पूरी दाल ही काली है।जब तंत्र अपना काम बखूबी निभा रहा है तब आज आम जनता तकलीफों का सामना क्यों कर रही है।
आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश हिस्सों में हालात यह हैं कि कहीं सड़कें जर्जर हैं,स्कूलों की छत से बरसाती पानी टपकता है,आंगनबाड़ी कक्ष तो उम्मीद से भी छोटे हैं,कुछ ग्राम पंचायतों में तो नालियां सरपंच और सचिव की लालच की भेंट चढ़ गई है,जगह जगह कचरे के अंबार हैं,सरकारी राशन आता तो है पर कभी ऐन मौके पर संचालक ही गायब हो जाता है तो कभी अनाज गायब हो जाता है।यह तो महज रोजमर्रा की ऊपरी बातें है यदि भ्रष्टाचार से वाकिफ होना है तो अंदरूनी हालात पर नजर डालनी होगी तब आप जान पायेंगे की सिक्के का दूसरा पहलू इतना भयानक क्यों है।
विशेष रिपोर्ट - सिक्के का दूसरा पहलू।
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